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आईजीयू में "नवोन्मेष 2026" विज्ञान प्रदर्शनी का हुआ आयोजन।

Published on: 26 Feb 2026

*आईजीयू में "नवोन्मेष 2026" विज्ञान प्रदर्शनी का हुआ आयोजन।*


इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर, रेवाड़ी में विज्ञान भारती, हरियाणा के सहयोग से तथा हरियाणा राज्य विज्ञान, नवाचार एवं प्रौद्योगिकी परिषद (एचएससीएसआईटी) के संयुक्त प्रायोजन के द्वारा राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर “भारत में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सततता और नवाचार को बढ़ावा देना” विषय पर "नवोन्मेष 2026" का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 28 फरवरी 1928 को भौतिक विज्ञानी सर सी.वी. रमन द्वारा रमन प्रभाव की खोज की स्मृति में आयोजित किया गया। इस उत्सव का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जागरूकता, सृजनात्मकता, नवाचार और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को प्रोत्साहित करना था। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर असीम मिगलानी द्वारा की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रोफेसर दिनेश कुमार, कुलपति, श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय, पलवल रहे एवं मुख्य वक्ता प्रोफेसर राकेश कुमार भारद्वाज, रसायन विज्ञान, केंद्रीय विश्वविद्यालय हरियाणा रहे। कुलपति एवं कुलसचिव ने मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता को पौधा देकर स्वागत किया एवं स्मृति चिन्ह व शाॅल भेंट कर सम्मानित किया।

"नवोन्मेष 2026" की संयोजक प्रोफेसर रश्मि पुंडीर ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए सभी को विज्ञान के महत्व को समझाया। उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया तथा युवाओं को सतत विकास हेतु अनुसंधान और नवाचार में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। 

कुलसचिव प्रोफेसर दिलबाग सिंह ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए विशिष्ट अतिथियों, प्राध्यापकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों का हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता एवं शोध-आधारित विकास के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित किया तथा आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना की। 

मुख्य अतिथि प्रोफेसर दिनेश कुमार ने अपने संबोधन में प्राचीन भारतीय ग्रंथों में वर्णित विज्ञान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत कभी विश्व का विज्ञान मार्गदर्शक रहा है। उन्होंने मात्रात्मक शोध के स्थान पर प्रभावी और गुणात्मक अनुसंधान की आवश्यकता पर बल दिया। 

मुख्य वक्ता प्रोफेसर राकेश कुमार भारद्वाज ने उभरती वैज्ञानिक प्रगतियों पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। उन्होंने सर सी. वी. रमन के जीवन-प्रसंग पर प्रकाश डाला तथा “ट्राइक्लोसैन”नामक रसायन पर अपने महत्वपूर्ण शोध को रेखांकित किया, जो प्रसाधन सामग्री में पाया जाता है और जलीय पारितंत्र के लिए तीव्र विषाक्त सिद्ध होता है। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रोफेसर असीम मिगलानी ने विज्ञान दिवस पर सभी विद्यार्थियों व शोधार्थियों को बधाई दी। उन्होंने विश्वविद्यालय की अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक जागरूकता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया। साथ ही विद्यार्थियों को जिज्ञासा, आलोचनात्मक चिंतन और अनुसंधान भावना विकसित करने तथा तार्किक विचारक बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विज्ञान को राष्ट्र की प्रगति का प्रेरक इंजन बताया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों व शोधार्थियों को नई आधुनिक तकनीकी संसाधनों का प्रयोग कर निरंतर नए शोध कार्यों को करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया।

इस अवसर पर तीन प्रमुख प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया — “साइंस एंड टेक्नोलॉजी ऑन कैनवास”, “वेस्ट टू वेल्थ मॉडल” तथा “विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में स्टार्ट-अप हेतु नवाचारी विचार प्रस्तुति”, जिनमें 230 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। “साइंस एंड टेक्नोलॉजी ऑन कैनवास” प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने वैज्ञानिक विषयों और नवाचारी विचारों को कलात्मक रूप में प्रस्तुत किया। इस प्रतियोगिता का मूल्यांकन प्रो. सतिंदर बल, डॉ. श्रुति त्यागी एवं डॉ. अभय सिंह (केएलपी कॉलेज, रेवाड़ी) द्वारा किया गया। प्रथम स्थान ईशाना और पूजा (राजकीय कन्या महाविद्यालय, रेवाड़ी) ने प्राप्त किया, जिन्हें ₹5000 की नकद राशि प्रदान की गई। द्वितीय स्थान तुषार और प्रीति (कंप्यूटर विज्ञान विभाग, आईजीयू) को ₹3000 की राशि के साथ मिला तथा तृतीय स्थान गुरवीन कौर और साक्षी (रसायन विज्ञान विभाग, आईजीयू) को ₹2000 की राशि के साथ प्राप्त हुआ। “वेस्ट टू वेल्थ” मॉडल प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को कृषि अवशेष, ई-कचरा, प्लास्टिक अपशिष्ट एवं रसोई कचरे जैसे अपशिष्ट पदार्थों को मूल्यवान उत्पादों में परिवर्तित करने के शोध-आधारित नवाचारी विचार प्रस्तुत करने का मंच प्रदान किया। यह प्रतियोगिता सततता और अपशिष्ट के रचनात्मक पुनः उपयोग पर केंद्रित रही। इसका मूल्यांकन डॉ. सुमन, डॉ. विपिन कुमार एवं डॉ. सतीश कुमार (प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय नारनौल) द्वारा किया गया। प्रथम स्थान हरकेश और याशी (बायोटेक विभाग, आईजीयू) ने ₹3000 की राशि के साथ प्राप्त किया। द्वितीय स्थान नेहा और स्वीटी गुप्ता (भौतिकी विभाग, आईजीयू) को ₹2000 की राशि के साथ तथा तृतीय स्थान निश्का और अनुज लांबा (राजकीय महाविद्यालय, नारनौल) को ₹1000 की राशि के साथ प्राप्त हुआ। “विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में स्टार्ट-अप हेतु नवाचारी विचार प्रस्तुति” प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को व्यवहारिक एवं शोध-आधारित स्टार्ट-अप विचार प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया। इस सत्र में विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किया गया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता और रोजगारपरक कौशल को विकसित करना था। इस प्रतियोगिता का मूल्यांकन प्रो. सविता श्योराण, डॉ. रमेश एवं डॉ. जय श्री (राजकीय कन्या महाविद्यालय, रेवाड़ी) द्वारा किया गया। प्रथम स्थान गीतांजलि और देवानंद (पर्यावरण विज्ञान विभाग, आईजीयू) ने ₹2000 की राशि के साथ प्राप्त किया। द्वितीय स्थान प्रज्ञा यादव (फार्मेसी विभाग, आईजीयू) को ₹1200 की राशि के साथ तथा तृतीय स्थान प्रिया और अपना (भौतिकी विभाग, आईजीयू) को ₹800 की राशि के साथ प्राप्त हुआ। सभी विजेताओं एवं प्रतिभागियों को कुलपति, कुलसचिव, मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता द्वारा प्रमाण-पत्र और पुरस्कार वितरित किए गए। गणमान्य अतिथियों ने विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना की तथा आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। कार्यक्रम का समापन संयोजक प्रो. पंकज त्यागी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने अतिथियों, प्राध्यापकों, प्रतिभागियों और आयोजन दल के प्रति आभार व्यक्त किया। 

मंच का संचालन कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉक्टर संगीता यादव द्वारा किया गया। इस सफल आयोजन में अधिष्ठाता शैक्षणिक मामले प्रोफेसर सुनील कुमार, अधिष्ठाता छात्र कल्याण विभाग प्रोफेसर करण सिंह, प्रोफेसर सुनील कुमार, प्रोफेसर सतीश कुमार, डॉ. महाबीर बड़क, डॉ. रीना हुड्डा, डॉ. राजेंद्र कुमार, डॉ. सोनाली बत्रा, डॉ. संजय यादव, डॉ. नवीन कुमार, डॉ. कविता यादव, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. हेमंत कुमार, डॉ. प्रिया कुमारी, डॉ. अमित कुमार तथा अन्य प्राध्यापकगण का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस अवसर पर सभी शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।